चना ,सोयाबीन में तेजी की संभावना पर हमारी खास रिपोर्ट , किसान और व्यापारियों दोनों के लिए सटीक जानकारी ।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (एनएनएस)
देसी चने का उत्पादन कम होने एवं
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ऊंचे भाव होने
से देसी चने की सकल उपलब्धि में
भारी कमी आ गई है। उत्पादक
मंडियों में माल का दबाव अभी तक
नहीं बन पा रहा है, जबकि नई फसल
पिछले 2 महीने से चल रही है, इन
परिस्थितियों में आगामी एक माह के
अंतराल ही 500 रुपए प्रति क्विंटल
बढ़ जाने के आसार बन गए हैं।
देसी चने की बिजाई इस बार
मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के
साथ-साथ महाराष्ट्र व कर्नाटक में
भी 15 से 18 प्रतिशत कम हुई थी।
गत अक्टूबर से लेकर 15 जनवरी
तक मौसम अनुकूल होने के
बावजूद बाद में अचानक गर्मी पड़
जाने से फरवरी के अंतराल
राजस्थान तथा मध्य प्रदेश की
फसल को भारी नुकसान हो गया,
जिसके चलते यील्ड 15 प्रतिशत

ईल्ड और घट गया। यही कारण है
कि सकल उत्पादन गत वर्ष के 80
लाख मैट्रिक टन की तुलना में इस
बार 65 लाख मैट्रिक टन रह जाने
का अनुमान आने लगा है। गौरतलब
है कि महाराष्ट्र के अकोला,
जलगांव लाइन में चापा चना 12 से
13 लाख मैट्रिक टन आता था, जो
इस बार मुश्किल से सात लाख

मैट्रिक टन के आस-पास ही रह
गया है। उधर कर्नाटक में भी
उपलब्धि कम रही है, दूसरी ओर
सरकार द्वारा पिछले वर्ष कोविड-
19 महामारी के दौरान स्टाक का
माल काफी वितरित कर दिया गया
था, जिससे सरकारी गोदाम भी
खाली हैं। देसी चने का समर्थन
मूल्य 5100 रुपए प्रति क्विंटल है,

जबकि यहां भाव 5500 एवं
उत्पादक मंडियों में 5200/5400
रुपए हो गए हैं। जिससे सरकार को
देसी चना मिलना मुश्किल हो गया
है, इन सारी परिस्थितियों को देखते
हुए राजस्थानी चना, जो यहां लॉरेंस
रोड पर 5500 रुपए बिका है, उसके
भाव जल्दी 6000 को पार कर
जाएंगे तथा दूरगामी परिणाम 7000
रुपए प्रति क्विंटल तक बन जाने के
आसार दिखाई देने लगा है।
राजस्थान के नोहर, भादरा,
सवाईमाधोपुर, बीकानेर के साथ-
साथ मध्य प्रदेश के ग्वालियर,
इंदौर, भोपाल, सागर, मुंगावली,
बीनागंज लाइन में भी देसी चने की
आपूर्ति गत वर्ष की समान अवधि
की तुलना में 35 से 40 रुपए कम
हो रही है, इन सारी परिस्थितियों को
देखते हुए देसी चने की जड़ में मंदा
नहीं है तथा व्यापार आगे चलकर
भरपूर लाभदायक रहेगा।

अब देखिए हमारी निजी राय

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चना कमजोर फसल के कारण किसानों और किसानी आढ़तियों का इंवेसमेन्ट हाजिर बाजार में साफ दिखाई देता है । हमारी मंडीया वायदा से काफी उपर इसी कारण है । फसल 70 लाख टन से ज्यादा नही लगती । सेंटिमेंट तेजी का बना हुआ है । msp पर सरकार को लेने में दिक्कत ही होगी । बफर स्टॉक के लिए क्या रणनीति बनती है यह देखना चाहिए । तेजी के खिलाफ लोग बोलने लगे है पर हवा में चना 6500 से 7000 की बातें सब जगह है (ग्वार की तरह आशाविन्त)।
सरसो आवक ओर पिराई दोनो जोरदार है । अन्य तेलों में तेजी देखते हुए और मुंगफली की फसल से कमाए पैसों ने भी इसे मजबूती दी है । हवा में 7000 से 8000 तक के भावों की बात चल रही है ।
नोट दोनो आइटम की ज्यादा हवा कंही माइंड सेट गेम न हो बस डर लगता है । बाकी मन तेजी का है 🙏🏻🙏🏻

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कृषि बाजर भाव सर्विस- 10/04/2021

*WASDE रिपोर्ट के आकड़ो से नहीं होगी कोई बड़ी उठा पटक: विश्लेषकयूएसडीए WASDE रिपोर्ट के अनुसार, सोयाबीन का एन्ड स्टॉक लगभग समान रहेगा, जबकि मक्का का एन्ड स्टॉक कम रहेगा। नतीजतन, रिपोर्ट के बाद CBOT के मकई बाजार में 10 सेंट का उछाल आया जिससे वह आठ साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, सोयाबीन बाजार ने रिपोर्ट पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की, और गेहूं की कीमतों ने दोहरे अंकों में बढ़त के साथ कारोबार किया।*

*मिड सेशन में, मई मकई वायदा 6.6 सेंट की बढ़त के साथ अपने 8 साल के शिखर पर $ 5.86 पर कारोबार कर रहा था।*
*मई सोयाबीन वायदा 2.5 सेंट की कमजोरी के साथ $14.12 पर कारोबार करता दिखा। नई फसल नवंबर सोयाबीन वायदा 2 सेंट की गिरावट के साथ $12.71 पर कारोबार करता दिखा।*
*मई गेहूं वायदा 12.6 सेंट की बढ़त के साथ $6.42 पर व्यापार करता दिखा।*
*मई सोयाबीन मील वायदा $ 2.20 की गिरावट के साथ $404.60 पर व्यापार करता दिखा।*
*जुलाई सोया तेल वायदा 0.07 सेंट की गिरावट के साथ $ 53.31 प्रति पाउंड पर व्यापार करता दिखा।*

*मकई के लिए, यूएसडीए ने अमेरिका का एन्ड स्टॉक अनुमान 1.35 बिलियन बुशल लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 1.39 बिलियन बुशल था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 1.50 बिलियन था।*

*सोयाबीन के लिए, यूएसडीए ने अमेरिका का एन्ड स्टॉक अनुमान 120 मिलियन बुशल लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 119 मिलियन बुशल था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 120 मिलियन था।*

*गेहू के लिए, यूएसडीए ने अमेरिका का एन्ड स्टॉक अनुमान 852 मिलियन बुशल लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 847 मिलियन बुशल था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 836 मिलियन था।*

*2020/2021 वर्ल्ड एंडिंग स्टॉक्स*
*मक्का के लिए, यूएसडीए ने दुनिया का एन्ड स्टॉक अनुमान 283.9 मिलियन मीट्रिक टन लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 284.5 मिलियन मीट्रिक टन था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 287.6 मिलियन मीट्रिक टन था।*

*सोयाबीन के लिए, यूएसडीए ने दुनिया का एन्ड स्टॉक अनुमान 86.9 मिलियन मीट्रिक टन लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 83.52 मिलियन मीट्रिक टन था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 83.74 मिलियन मीट्रिक टन था।*

*गेहू के लिए, यूएसडीए ने दुनिया का एन्ड स्टॉक अनुमान 295.5 मिलियन मीट्रिक टन लगाया जिसका ट्रेड अनुमान 301.3 मिलियन मीट्रिक टन था जबकि यूएसडीए का मार्च का अनुमान 301.1 मिलियन मीट्रिक टन था।*

*2020/2021 वर्ल्ड क्रॉप प्रोडक्शन*
*यूएसडीए ने ब्राज़ीलियाई सोयाबीन उत्पादन 136.0 मिलियन मीट्रिक टन लगाया जबकि व्यापार अनुमान 134.0 मिलियन मीट्रिक टन था और पिछले महीने का USDA का अनुमान 134.0 मिलियन मीट्रिक टन था। मकई के लिए, ब्राजील का उत्पादन 109.0 मिलियन मीट्रिक टन रखा गया जबकि व्यापार अनुमान 108.6 मिलियन मीट्रिक टन रहा। USDA का मार्च अनुमान 109.0 मिलियन मीट्रिक टन रहा।*

*अर्जेंटीना के सोयाबीन उत्पादन के लिए, यूएसडीए ने अपनी फसल को 47.5 मिलियन मीट्रिक टन पर आंका जबकि व्यापार अनुमान 46.6 मिलियन मीट्रिक टन था और यूएसडीए का मार्च अनुमान 47.5 मिलियन मीट्रिक टन था। अर्जेंटीना की मकई फसल 47.0 मिलियन मीट्रिक टन आंकी गयी जबकि व्यापार अनुमान 46.6 मिलियन मीट्रिक टन था और यूएसडीए का मार्च अनुमान 47.5 मिलियन मीट्रिक टन था।*

*यूएसडीए ने 120 मिलियन बुशल सोयाबीन एन्ड स्टॉक को बनाए रखने की पूरी कोशिश की, जो कोई आश्चर्य की बात नहीं है, और इसके मकई के आकड़े उचित लगते हैं। यह एक स्थिर (कोई तेजी या मंदी नहीं) रिपोर्ट है जिससे निकट अवधि में कुछ मुनाफावसूली हो सकती है। लेकिन मोटे तौर पर आपूर्ति और डिमांड की स्थिति नहीं बदली है विश्लेषक ने कहा।*

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